सच या झूठ : कोवैक्सिन लेने के 2 साल बाद लोग हो रहे हैं मौत के शिकार

आजकल सोशल मीडिया पर ये अफवाह खूब फैल रही है कि कोवैक्सिन टीका लगवाने के 2 साल बाद लोगों की मौत हो रही है। जिसकी वजह से लोगों को काफी टेंशन हो रही है । जानकारी के लिए आपको बता दें ये दावा पूरी तरह से गलत और गुमराह करने वाला है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-

  1. कोवैक्सिन सुरक्षित और कारगर टीका है:
  • भारत में कोवैक्सिन को बड़े पैमाने पर टेस्ट किया गया था, तब जाकर इसे मंजूरी मिली। इन टेस्ट में कोई भी गंभीर खतरा नहीं पाया गया।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी कोवैक्सिन को आपातकालीन इस्तेमाल वाली दवाओं की लिस्ट में शामिल किया है।
  1. कोवैक्सिन और मौतों का कोई संबंध नहीं:
  • अभी तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है कि कोवैक्सिन की वजह से मौतें हो रही हैं।
  • असल में मौत के कई कारण हो सकते हैं, जैसे उम्र, पहले से मौजूद बीमारियाँ, या कोई और इंफेक्शन।
  • ये गौर करना जरूरी है कि सिर्फ इसलिए कि कुछ लोगों को कोवैक्सिन लेने के बाद मृत्यु हो गई, इसका मतलब ये नहीं कि वैक्सीन ही मौत का कारण थी।
  1. अफवाहों पर यकीन न करें:
  • सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और अफवाहें तेजी से फैलती हैं।
  • ऐसी किसी भी जानकारी को मानने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें।
  • सिर्फ भरोसेमंद सूत्रों, जैसे सरकारी हेल्थ एजेंसियों और जानी-मानी न्यूज़ संस्थाओं से ही जानकारी लें।
  1. डॉक्टर से सलाह लें:
  • अगर आपको कोवैक्सिन या किसी और वैक्सीन को लेकर कोई चिंता है, तो अपने डॉक्टर से बात करें।
  • वो आपको सही जानकारी दे सकते हैं और आपके किसी भी सवाल का जवाब दे सकते हैं।
  • इन बातों को भी याद रखें: 
  • कोवैक्सिन एक सुरक्षित और कारगर COVID-19 वैक्सीन है। ये दावा कि ये टीका 2 साल बाद मौत का कारण बन रहा है, गलत और गुमराह करने वाला है। अफवाहों पर यकीन न करें और सिर्फ भरोसेमंद सूत्रों से ही जानकारी लें।अगर आपके कोई सवाल हैं तो अपने डॉक्टर से जरूर बात करें।

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